पटना:
बिहार BJP ने अपने नेता प्रतिपक्ष (Leader Of Opposition) की घोषणा कर दी है। पूर्व विधानसभा स्पीकर विजय सिन्हा (Vijay Sinha) को विधानसभा और विधान परिषद में सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) को मुख्य विपक्षी नेता बनाया है। इनके माध्यम से पार्टी ने न केवल जातीय समीकरण को साधा, बल्कि सत्ता पक्ष को भी स्पष्ट संदेश दिया कि वे सड़क से लेकर सदन तक सरकार को घेरेंगे। बता दें कि इससे पहले नेता पतिपक्ष तेजस्वी यादव थे जो अभी बिहार के उपमुख्यमंत्री हैं।

विजय कुमार सिन्हा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष
बता दें कि विजय कुमार सिन्हा की छवि तर्कपूर्ण और उनके बयानों धैर्यवान रूप में उभरी है। कहा जा रहा है कि पिछले दिनों विधानसभा में भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और विजय सिन्हा के बीच जो बहस हुई थी, उसमें भी विजय कुमार सिन्हा भारी नजर आ रहे थे जिसके बाद से नीतीश कुमार को विजय सिन्हा से चिढ़ हो गई थी। उन्हें ये पूरा प्रकरण रास नहीं आया था। तब उन्होंने BJP के केंद्रीय नेतृत्व से भी इसकी शिकायत की थी। लेकिन अब नीतीश कुमार को जिस नेता से चिढ़ है, BJP ने उन्हीं को सदन में उनके सामने खड़ा कर दिया है। जाहिर सी बात है कि सिन्हा अब और ताकत से सत्ता पक्ष को सदन में घेरेंगे।

बीजेपी ने जातीय समीकरण पर साधा निशाना
वहीं सम्राट चौधरी के आगे करके बीजेपी ने जातीय समीकरण पर निशाना साधा है। सम्राट चौधरी पिछड़ा वर्ग कुशवाहा जाति से आते हैं। बिहार में OBC समुदाय की एक बड़ी आबादी है। इसमें यादवों और कुर्मी के बाद कुशवाहा(कोइरी) समाज की सबसे ज्यादा भागीदारी है। नीतीश कुमार को जहां कुर्मी का नेता माना जाता है, तो तेजस्वी की पैठ RJD में है। सम्राट चौधरी के बहाने BJP OBC में सेंधमारी करने की कोशिश की है। बिहार में कुशवाहा की कुल आबादी लगभग 7% है।